सामग्री पर जाएँ
पवित्र क़ुरआन 49 भाषाओं में अनुवाद और तिलावत के साथ पढ़ें  पढ़ना शुरू करें →
Islam Word Quran & Seerah
سُورَةُ القَدۡرِ
Al-Qadr — The Power, Fate
सूरह 97 · 5 आयतें · मक्की
पूरी सूरह की तिलावत Mishary Rashid Alafasy
0:00 0:00
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi

1

بِّسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِنَّآ أَنزَلْنَٰهُ فِى لَيْلَةِ ٱلْقَدْرِ

हमने (इस कुरान) को शबे क़द्र में नाज़िल (करना शुरू) किया

2

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِ

और तुमको क्या मालूम शबे क़द्र क्या है

3

لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِ خَيْرٌۭ مِّنْ أَلْفِ شَهْرٍۢ

शबे क़द्र (मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर है

4

تَنَزَّلُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ فِيهَا بِإِذْنِ رَبِّهِم مِّن كُلِّ أَمْرٍۢ

इस (रात) में फ़रिश्ते और जिबरील (साल भर की) हर बात का हुक्म लेकर अपने परवरदिगार के हुक्म से नाज़िल होते हैं

5

سَلَٰمٌ هِىَ حَتَّىٰ مَطْلَعِ ٱلْفَجْرِ

ये रात सुबह के तुलूअ होने तक (अज़सरतापा) सलामती है