कुंजियाँ: J अगला अया · K पिछला अयाह
- 1
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ
लिप्यंतरण: Qul a'uzoo bi rabbil-falaq
कहो, "मैं शरण लेता हूँ, प्रकट करनेवाले रब की,
- 2
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ
लिप्यंतरण: Min sharri ma khalaq
जो कुछ भी उसने पैदा किया उसकी बुराई से,
- 3
وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ
लिप्यंतरण: Wa min sharri ghasiqin iza waqab
और अँधेरे की बुराई से जबकि वह घुस आए,
- 4
وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّٰثَٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ
लिप्यंतरण: Wa min sharrin-naffaa-thaati fil 'uqad
और गाँठो में फूँक मारने-वालों की बुराई से,
- 5
وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ
लिप्यंतरण: Wa min shar ri haasidin iza hasad
और ईर्ष्यालु की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।"
अनुवाद संस्करण: hi.farooq
श्लोक ऑडियो: मिश्री रशीद अलाफसी (islamic.network CDN के माध्यम से 128kbps)।
पाठ और अनुवाद: api.alkuran.cloud · उथमानी अरबी।
यदि आयत का अर्थ स्पष्ट नहीं है, तो किसी योग्य शिक्षक से पूछें - विशेष रूप से कानूनी और धार्मिक मामलों के लिए।